छत्तीसगढ़
CM विष्णुदेव साय ने साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन को बताया अपूरणीय क्षति
Shantanu Roy
23 Dec 2025 6:30 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महान साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे साहित्य और समाज के लिए एक बड़ी क्षति बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विनोद कुमार शुक्ल का जाना केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि संवेदनशील और मानवीय साहित्य की एक पूरी धारा का अवसान है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने शोक संदेश में कहा कि “नौकर की कमीज” और “दीवार में एक खिड़की रहती थी” जैसी कालजयी कृतियों के माध्यम से विनोद कुमार शुक्ल ने साधारण जीवन, आम आदमी की पीड़ा और उसकी गरिमा को अत्यंत सादगी और गहराई के साथ साहित्य में स्थापित किया। उनकी रचनाएं दिखावटी शब्दों से दूर रहकर मनुष्य के भीतर की संवेदनाओं को सीधे स्पर्श करती हैं।
महान साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल जी का निधन एक बड़ी क्षति है। नौकर की कमीज, दीवार में एक खिड़की रहती थी जैसी चर्चित कृतियों से साधारण जीवन को गरिमा देने वाले विनोद जी छत्तीसगढ़ के गौरव के रूप में हमेशा हम सबके हृदय में विद्यमान रहेंगे।
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) December 23, 2025
संवेदनाओं से परिपूर्ण उनकी रचनाएँ पीढ़ियों… pic.twitter.com/47mFIzFYBc
मुख्यमंत्री ने कहा कि विनोद कुमार शुक्ल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे हिंदी साहित्य जगत का गौरव थे। उनकी लेखनी में ग्रामीण जीवन, मध्यवर्गीय संघर्ष और मानवीय करुणा का ऐसा सहज चित्रण मिलता है, जो पाठकों को भीतर तक झकझोर देता है। वे उन विरले साहित्यकारों में थे, जिन्होंने बिना शोर किए, बिना किसी आडंबर के, अपनी रचनाओं से एक गहरी छाप छोड़ी। विष्णुदेव साय ने कहा कि विनोद कुमार शुक्ल की रचनाएं केवल पढ़ी नहीं जातीं, बल्कि महसूस की जाती हैं। उनकी कहानियां और कविताएं पीढ़ियों तक पाठकों और नवोदित लेखकों को प्रेरित करती रहेंगी। साहित्य के क्षेत्र में उनका योगदान अमूल्य है और उसकी भरपाई संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत साहित्यकार के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा प्रदेश उनके साथ खड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि विनोद कुमार शुक्ल अपने विचारों, शब्दों और संवेदनाओं के माध्यम से हमेशा हमारे बीच जीवित रहेंगे। राज्य के साहित्य, कला और संस्कृति से जुड़े अनेक लोगों ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। साहित्य जगत में उन्हें एक ऐसे रचनाकार के रूप में याद किया जा रहा है, जिन्होंने सरल शब्दों में जीवन के जटिल सत्य को उजागर किया। अंत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी से उपजे इस महान साहित्यकार की स्मृति सदैव अमर रहेगी और उनका रचना संसार आने वाली पीढ़ियों को मानवता, संवेदना और सादगी का पाठ पढ़ाता रहेगा।
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